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निशुल्क तंत्र काट साधना कैसे करे?

निशुल्क तंत्र काट साधना कैसे करे? मित्रों अनेक ऐसे लोग जो कि मेरे पास इलाज के लिए आते हैं और उनको मैं एक प्रेत मुक्ति क्रिया देता था … जिसके करने के बाद वो लोग केवल स्वस्थ ही नहीं हुए बल्कि उन्होंने थोडा बहुत शक्ति को भी पाया हैं … अब वो लोग एक चालबाजी करने लग गए कि इसी क्रिया को आगे मरीजो को देकर अपना दुकान चलाने लग गए

ऐसे लोगो ने अपना चौंकी दरबार ही स्टार्ट कर लिया … हा हा हा …. जबकि यह साधना प्रेत मुक्ति की हैं,,, घर के या कुल के जो लोग मृत्यु के बाद प्रेत योनी में जाते हैं उनको पित्रलोक भेजने या नया जन्म दिलाने में मदद करती हैं …. पर लोगों ने इसके तंत्र काट साधना बनाकर बांटना शुरू कर दिया हैं …

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इसलिए किसी भी भगत के झांसे में न आये अगर यह साधना आपको पैसा लेकर दी जा रही हैं तो अपना पैसा वापस मांग सकते हैं …. क्योंकि तंत्र काट का यह सिर्फ पहला स्टेप हैं…. इसके बाद लगभग 5 स्टेप और होते हैं जिसके बाद पूरी तरह से तंत्र काट होता हैं…. यह विधि तो मैं आपको फ्री में ही दे रहा हूँ…

इस क्रिया के लिए आपको कुछ सामग्री की जरूरत पड़ेगी जो निम्नलिखित हैं:

  • 50 ग्राम लौंग,
  • 50 ग्राम मिश्री,
  • 1 आसन पूजा वाला,
  • 1 माला
  • गोबर के उपले या कपूर की आग

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निशुल्क तन्त्र काट साधना या प्रेत मुक्ति क्रिया कैसे करे?

सबसे पहले लौंग मिश्री को अपने ऊपर से 7 बार उल्टा एंटी कलॉक घुमाकर रख लेना हैं

माला शुद्धिकरण: एक कटोरा पानी का 2 चम्मच दूध, 1 चुटकी हल्दी रखकर माला को छोड़ दीजिये सुबह निकालकर धो ले,… आसन को भी धो लेना है….. गुग्गूल और लोबान मिक्स करके की धूनी दीजिये….

सबसे पहले आसन बिछा लीजिये दीपक जला लीजिये…. अब आसन पर बैठकर 2 लौंग 1 मिश्री का अग्नि पर भोग दीजिये इन देवताओ को one by one

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फिर 5 माला इस मंत्र की जपनी हैं…
ॐ नम शिवाय
और 11 माला इस मंत्र की जपनी हैं …
ॐ ह्रीं राम

3 मंगलवार करना मंदिर जाकर

सामग्री:

  • 1 कटोरी मीठा दूध
  • 5 लड्डू बूंदी या बेसन के
  • 5 अगरबत्ती या धुप
  • 1 मीठा पान
  • घी का दीपक

1 कटोरी मीठा दूध, पीपल की जड़ में डालो, अब 5 अगरबत्ती इक्क्ठा जलाओ, 1 घी के दीपक जलाओ, 5 लड्डू और एक मीठा पान को वहाँ चढ़ाओ… ये करना है पीपल के पेड़ पर मंदिर में…. वहा मन ही मन कहना, हे बरम बाबा हमारे ऊपर प्रसन्न होइए और हमारे ऊपर जो भी गंदी शक्ति है उसको पकड़ कर पीपल के पेड़ पर ही बांध लीजिये

फिर वही बैठ जाना हैं और आँख बंद करके उंगलियों पर गिनती करते हुए 108 बार ॐ ह्रीं राम जपकर…. इस जप के फल को बरम बाबा को उसी समय समर्पित करो

पहले मंगलवार आते समय 1 पीपल का पत्ता तोड़ लाना है…. जिसपर सिंदूर से लिखकर दीपक के नीचे रख देना है… अगले मंगलवार तक दिन दीपक के नीचे ही रहेगा…. अगले मंगलवार पुराना पत्ता पीपल की जड़ में रखेंगे और मन ही मन बोलेंगे की… हे बरम बाबा इस नेगेटिव ऊर्जा को यही बांध लीजिये

मेरे साथ मंदिर की दिव्य सकारात्मक ऊर्जा मेरे साथ में घर भेजिए, अब एक नया साबुत पत्ता लाकर मंदिर से फिर दीपक के नीचे रखेंगे… प्रत्येक मंगलवार उस कटोरी मे ही (जिसमे दूध लेकर गए थे) उसमे पानी भर लाना है … उसी मंदिर के नल से ही और अपने घर मे छिड़क देना है

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शनिवार के 3 उतारे होंगे

(सामान्य भोग की सामग्री)

  • 2 रोटी कच्ची पक्की मीठी नमकीन,
  • 1 जायफल,
  • 7 मिठाई के पीस,
  • 1 नींबू
  • एक मीठा पान
  • 1 लोटा कच्ची लस्सी (पानी और दूध को मिलाकर मीठा कर ले बताशा डालकर)

एक रोटी में आपको चीनी (शक्कर) मिला लेना है दो चुटकी….. उसी प्रकार दूसरी रोटी में आपको नमक और मिर्च के चुटकी डाल लेना है तो यह नमकीन हो जाएगी…. अब आपको इसको तवे पर डाल लेना है रोटी बनाकर…. लेकिन इसको पलटना नहीं है और इसको केवल एक साइड से ही पकाना है

इसको पका लेने के पश्चात उतार लीजिए और कच्ची साइड आप सरसों का तेल लगाइए और एक टीका सिंदूर का कीजिए…. और एक टीका आप काजल का कीजिए और इस सारे सामान को अपने और जिसे ऊपरी बाधा , कोई तंत्र की पीड़ा हो … उसके सर से 7 बार उल्टा घूमाकर (एंटी क्लॉक) और इसको कहीं सुनसान जगह पर… यानि वीरान जगह पर बाहर रखकर आना है ..

वहां बोलना है कि हे इस क्षेत्र की अधिकारी माता मशानी अपना भोग स्वीकार करो और मेरे साथ जो भी नेगेटिव शक्ति है सबको पकड़कर यही बांध लो…. मैं अगले शनिवार भोग लेकर फिर से आऊंगा… इस गन्दी क्रिया को काट दीजिये… मुझे गुरूजी योगी आनन्द महाराज हरिद्वार दरबार ने भेजा हैं ….

नोट: अगर इस भोग से जरा सा भी आराम न मिले तो आपको तामसिक भोग देना पड़ेगा …. उसके लिए आपको इस सामान में 1 शराब का हाफ बोतल, 2 अंडे, 1 सिगरेट ऐड कर सकते हैं … इससे अधिक हम किसी को सुझाव नहीं देते हैं कि वो खुद अपने हाथ से कोई मुर्गा, बकरा, भेडा का भोग दे…. आप पाप के अधिकारी बनेंगे

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समापन पर हवन कैसे करे?

22 वे दिन आपको 500 ग्राम हवन सामग्री का पैकेट लाना है….. और अब उसमें …. थोड़े से काले तिल… थोड़े से चावल .. थोड़ी हल्दी.. थोड़ी सी चीनी और घी मिला लेना है

अब आप हवन कुंड या किसी बर्तन में आग बना लेंगे…. लकड़ी से जलाइए या गोबर के कंडे उपले को ही जला लीजिये …. अब उसमें सबसे पहले जो फोटो में 12 देवता के नाम और मन्त्र लिखे है… उन सबके नाम से एक-एक आहुती देंगे

यह करने के बाद आपको उस हवन सामग्री के दो हिस्से कर लेने हैं ….. अब आधी सामग्री की ओम नमः शिवाय स्वाहा मंत्र की आहुति डालनी और जो आधी सामग्री बच जाए उसे आहुति ओम ह्रीं राम स्वाहा मंत्र की दे देना हैं …

हवन से पहले पास में एक पानी का गिलास रखना है…. उस हवन के बाद पानी को घर में सबको पी लेना है … और ठंडी भस्म (राख) को कही बहते पानी में बहा देना या फिर किसी पेड़ की जड़ में डाल देना हैं … इस तरह से ये प्रेत मुक्ति साधना की जाती हैं …. जिसके बदले में भगत आप लोगों से हजारों रूपये ऐंठ रहे हैं …

यह क्रिया 21 दिन तक चलेगी …. आपको रोज लौंग मिश्री का भोग देना हैं और मंत्रो का जप करना हैं… जितनी माला की संख्या ऊपर लिखा गया हैं

यह विधि मैं आप लोगों के कल्याण के लिए लिख रहा हूँ …. इसे आप अपने घर से ही कर सकते हैं….. कोई भी स्त्री पुरुष कर सकता हैं … अपने घर से ही कर सकता हैं … अच्छा लगे तो कीजिये … नहीं अच्छा लगे तो फिर आपकी मर्जी …. फिर काटिए बाबाओ के दरबारों के चक्कर … और अपना नाक रगड़ते रहिये … कुछ नही होने वाला हैं …

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आज के लिए इतना ही ….. हर हर महादेव ॐ काली आदेश गुरु गोरक्षनाथ