घर में अचानक या लगातार गंदी बदबू आने के कई संभावित कारण हो सकते हैं। इस लेख में पितृ, कुलदेवी, घर के मंदिर की साफ-सफाई, मसान-मसानी और बाथरूम से जुड़े बताए गए कारणों एवं उपायों को विस्तार से जानिए।
गंदी बदबू आना यह सवाल अक्सर अनेक लोग पूछते हैं और आपको अनेक ऐसे वीडियो भी मिल जाएंगे YouTube पर, लेकिन मैं आपको प्रमाणिक जानकारी दूंगा, साथ में उसका सॉल्यूशन भी बताऊंगा कि घर में गंदी बदबू आती क्यों है और अगर आ रही है तो उसको कैसे दूर किया जा सकता है। तो सीधी-सीधी बात करते हैं।
घर में गंदी बदबू क्यों आती है?
गंदी बदबू क्यों आती है? ज्यादा टाइम पास नहीं करते हैं। तो नंबर एक पर क्या होता है? आपके पितर मलिनता में हैं। दो तरह के पितर होते हैं। एक पितर वह होते हैं जो पितर लोक जिनको मिल गया है। पितर योनि जिनको मिल गई है। दूसरे पितर यानी कि पूर्वज वह होते हैं जो प्रेत योनि में पड़े हैं।
अकाल मृत्यु को जो प्राप्त हुए थे। जिनकी कामनाएं हैं, वासनाएं हैं, जिनका व्यवहार बुरा था, जो दुष्ट प्रवृत्ति के होते हैं, उनको पितर लोक नहीं मिलता और वह प्रेत योनि में यानी कि नरक में पड़े रहते हैं। आपके घर में ही रहते हैं। तो यदि पितर किसी के मलिनता में है तो स्वाभाविक सी बात है आपको घर से गंदी बदबू आएगी।
अब यह मैंने बता दिया कारण। अब इसका सॉल्यूशन क्या है? इसका सॉल्यूशन है अभी पितृ पक्ष स्टार्ट हो रहे हैं। आप 16 दिन तक पितरों की कोई साधना कीजिए, जिसकी वजह से जो मलिन पितर हैं, जो दूषित हो चुके हैं, जिनके सूक्ष्म शरीर, उनकी मलिनता दूर हो जाए। उनकी बदबू दूर हो जाए। वह शुद्ध रूप में पितर लोक को प्राप्त करें या फिर उनका नया जन्म हो जाए। वह प्रेत योनि से मुक्त हो जाए।
सॉल्यूशन यह है, पितरों के पक्ष के लिए मैंने पितृ पक्ष में पितरों की शांति और मुक्ति की विधि डाल रखा है। 16 दिन का पूरा अभ्यास मैंने बताया है। उसको देखकर आप इसको कर सकते हैं बिल्कुल आसानी से अपने घर से।
कुलदेवी खंडित होने के कारण
दूसरा होता है कुलदेवी का खंडित होना। अब आपके पितर भी ठीक हैं। लेकिन आपकी कुलदेवी खंडित हो चुकी हैं। और कुलदेवी क्यों खंडित होती हैं?
यदि लगातार तीन साल आप अपनी कुलदेवी के धाम पर नहीं जाते हैं तो कुलदेवी खंडित हो जाती है और जब कुलदेवी खंडित हो जाती है तो आपके घर की सकारात्मक ऊर्जा नकारात्मक ऊर्जा में बदलना स्टार्ट हो जाती है, क्योंकि कुलदेवी का काम यही है, आपके घर को शुद्ध रखना, रक्षा करना, आपको सौभाग्य प्राप्त करवाना।
अब कुलदेवी का आपको पता नहीं है, तीन साल से वहां गए नहीं है या फिर कोई ऐसा काम कर दिया है, जिसकी वजह से कुलदेवी रुष्ट हो गई है, तब भी आपके घर का वातावरण नकारात्मक हो जाएगा।
कुलदेवी नाराज होने के एक-दो कारण भी बता देता हूं। गर्भपात करवाना, उससे तुरंत कुलदेवी रुष्ट हो जाती है। चोरी करना, भागकर कहीं दूसरी जाति में, दूसरे धर्म में शादी कर लेना, अपने परिवार की सहमति के बिना, तो कुलदेवी तुरंत खंडित हो जाती है।
यदि ऐसी आपकी स्थिति है, कुलदेवी खंडित है, जिसकी वजह से घर में बदबू आ रही है, तो आप अभी पितृ पक्ष के बाद नवरात्रि आएंगे। आप नवरात्रि में अपनी कुलदेवी के धाम पर जाइए। एक पानी वाले नारियल पर ₹51 बांधिए। लाल रंग की चुनरी उस पर लपेटिए। कलावे से सात बार बांध के गांठ लगा दीजिए।
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चार पूरी लीजिए। उनके ऊपर थोड़ा-थोड़ा हलवा रखिए और पहुंच जाइए अपनी कुलदेवी के धाम पे। वहां जाकर यह नारियल चढ़ाइए। भोग प्रसाद चढ़ाइए और अपनी गलती के लिए नाक रगड़ के क्षमा मांगिए कि मैं अपनी सात पीढ़ियों की तरफ से नाक रगड़ के सात बार ही आपसे माफी मांगता हूं। हमसे जो गलती हुई है उसको आप माफ कीजिए। क्षमा कीजिए।
मेरे साथ मेरे घर चलिए। दोबारा से हमारे घर का शुद्धिकरण कीजिए। हमारी रक्षा कीजिए। हमें सुख, शांति, समृद्धि, सौभाग्य, स्वास्थ्य, सुंदरता और संपत्ति की वृद्धि प्राप्त करवाइए। तो यह इसका इलाज है।
घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के उपाय
यदि कुलदेवी खंडित है। तीसरा होता है, अब कुलदेवी खंडित यानी घर में नहीं है तो आपके घर में कोई ना कोई नेगेटिव एनर्जी घुस जाती है या फिर घुसा दी जाती है। अब कौन सी एनर्जी घुसेगी?
इसमें दो ही एनर्जी मुख्य होती है जो आपके घर में घुसाई जाती हैं। एक तो मसानी, दूसरा मसान। किसी भी मसानी या मसान को अगुआ बनाकर प्रेत आपके घर में भेजे जाते हैं।
क्योंकि सीधा-सीधा प्रेत आपके घर में नहीं घुस सकता है। आपके पितर उसको मार भगाएंगे। लेकिन उसकी अगुवाई में कोई बड़ी शक्ति, मसान या मसानी को लगाकर तब आपके घर में घुसाया जाता है। जिसके बाद आपके पितर प्रेत उसकी कुछ बिगाड़ नहीं सकते हैं और पीड़ित हो जाते हैं। मलिन हो जाते हैं।
तो मसान मसानी यदि घर में है, तब भी आपको गंदी बदबू का एहसास होगा। यह बदबू पेशाब की, लैट्रिन, बाथरूम की, मुर्दे जलने की, इस तरह की हो सकती है।
चौथा कारण होता है साफ-सफाई की कमी। अब मसान मसानी का सॉल्यूशन है, वह उसके लिए आप किसी सिद्ध बाबा से संपर्क करें। वही इसको हटा पाएंगे, क्योंकि उपाय से मसानी-मसान नहीं हटता है। उनकी शरण में जाइए। उनसे दीक्षा लीजिए। मंत्र लीजिए। जो कुछ भी आपको करना है, वह करिए।
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आप इसको हटवाइए, क्योंकि खुद से मसान मसानी नहीं हट सकते।
चौथा कारण है साफ-सफाई की कमी। अनेक लोगों के घरों में मैं गया हूं। मैंने देखा है कि उनके मंदिर में बुरा हाल हुआ पड़ा है। वहां ढेरों-ढेर सूखे हुए फूल पड़े हैं। धूप-अगरबत्ती की राख बिखरी हुई है। उनका दीपक देखा तो पूरी तरह से काला हो चुका है। तेल दूषित है। उसके भीतर मच्छर-मक्खी मरे पड़े हैं।
ऐसी स्थितियों में कोई फल है, मिठाई है, वह आपने रख दिया। 10 दिन तक वह सड़ रहा है मंदिर में ही। ऐसे में भी आपके घर का वातावरण नकारात्मक हो जाता है, दूषित हो जाता है, मलिन हो जाता है। क्योंकि मंदिर ही तो घर में एक वो कोना होता है, पूजा स्थल होता है, जहां पे पूरे घर से इसको सकारात्मक ऊर्जा जो प्रवाहित करता है, प्रवाहित करता है, पूरे घर में फैलाता है।
अब मंदिर को ही दूषित रखेंगे। मूर्ति पर धूल जमी पड़ी है। मक्खियों ने उस पे लैट्रिन कर-कर के धब्बे बना रखे हैं। कभी आपने महीने, दो महीने, छह महीने से गंगाजल नहीं छिड़का है। गुग्गल-लोबान का धूप नहीं दिया है, तो ऐसी स्थितियों में घर का मंदिर दूषित होता है।
इसका उल्टा भी आप कर सकते हैं। यानी कि सूखे हुए फूलों को हटाइए, सड़ी हुई चीजों को हटाइए, दीपक को धोइए। डेली का डेली साफ रखिए। डेली का डेली तेल डालिए। तेल उतना ही डालिए जितना आप यूज कर सकते हैं। आपके अंदर क्षमता है। दो चम्मच, चार चम्मच, इतना मत भर के रख दीजिए कि वह तेल फिर सड़ जाए। उसमें मच्छर-मक्खी मरते फिरे।
इतना रखिए कि रोज के रोज आप ज्योत भी जला लें। दीपक को धो भी लें। घर में हफ्ते में कम से कम एक बार अपने मंदिर में गंगाजल छिड़किए।
कोई भी मंत्र, पवित्रता का कोई भी मंत्र पकड़ लीजिए। ज्यादा लंबा नहीं आता तो छोटा सा ओम अपवित्रो पवित्र भयो नमः, ऐसे आप सर्च कर लीजिए। आपको शुद्धि का कोई मंत्र, छोटा सा पकड़ लीजिए। गंगाजल छिड़किए। गुग्गल लोबान की धूप जगाइए।
कुछ लोगों के यहां क्या होता है, उसी कमरे में पूजा स्थल है, उसी में वह मांस-मदिरा का प्रयोग कर रहे। ऐसी स्थितियों में भी आपके घर का मंदिर दूषित हो जाता है। इसलिए ऐसा करने से बचें। कम से कम उस कोने को ही बख्श दीजिए। आपको खाना है, आप बाहर बैठ के खा लीजिए, अपने बरामदे में, अपने किसी दूसरे कमरे में। पूजा स्थल पर मांस-मदिरा का प्रयोग मत कीजिए। तो यह इसका समाधान है।
बाथरूम की नकारात्मक ऊर्जा
अब लास्ट और पांचवा, जो सबसे खतरनाक है, वह है आपके लैट्रिन-बाथरूम। आपके घर में जैसे पूजा स्थल एक जगह होता है, जहां पर सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। उसी तरह आपके पूरे घर की नकारात्मक ऊर्जा आपके लैट्रिन-बाथरूम में रहती है।
इसीलिए अनेक लोगों को आपने देखा होगा, हम तो रोज ही देखते हैं। वो लैट्रिन-बाथरूम में ज्यादा समय बिताना शुरू कर देते हैं। बार-बार हाथ धोते हैं। अपना फेस धोते हैं। जरा सा कुछ हो जाए, नहाने दौड़ पड़ते हैं। यानी कि पूरा दिन साफ-सफाई बाथरूम में, क्योंकि आपके पूरे घर की नेगेटिव एनर्जी वह लैट्रिन-बाथरूम में ही होती है।
लेकिन कोई भी गुरु, कोई भी भगत आपको यह नहीं कहता कि लैट्रिन-बाथरूम की सफाई कैसे करें? वो आपको इतना बोल देंगे कि गंगाजल छिड़क दीजिए। लैट्रिन-बाथरूम को छोड़ के छिड़क देना है। धूप कर दीजिए, फलां चीज की, लेकिन लैट्रिन-बाथरूम को छोड़ के करना है।
अरे मूर्ख के मूर्ख, आप गुरु को किसने बना दिया आपको? आप पूरे घर की सफाई कर रहे हैं। लेकिन जो स्थान प्राकृतिक रूप से नेगेटिव एनर्जी का है, यानी कि लैट्रिन-बाथरूम, उसकी शुद्धता करने को क्यों नहीं कह रहे हैं? शर्म आती है, बदबू आती है, क्या आता है? उसका मैं बता देता हूं।
हफ्ते में एक बार आप अंगारी बना लीजिए या फिर कपूर का प्रयोग आप कर सकते हैं। आपको पांच लाल मिर्च लेनी सा। साबुत लाल मिर्च ले लेंगे पांच।
उनको आग पे जलाएंगे अपने बाथरूम।
यह आप कीजिए। आपके बाथरूम से नेगेटिव एनर्जी का शुद्धिकरण हो जाएगा। लाल मिर्च की धूनी आपको लैट्रिन-बाथरूम में देनी है।
वहां रख के आग पे उसको दरवाजा बंद कर दीजिए। हफ्ते में एक बार यदि ऐसा करेंगे, तो आपके बाथरूम लैट्रिन की जो नकारात्मकता है, वह आपके पूरे घर पर प्रभावित नहीं करेगी। पूरे घर में आपको नहीं पता पूरे घर की शुद्ध एनर्जी को सकारात्मक ऊर्जा, सकारात्मक वातावरण को दूषित या मलिन नहीं कर पाएगी।
तो यह आप लाल मिर्च का प्रयोग कर इसका धुआं आप अपने बाथरूम में दीजिए।
तो मित्रों, आज के वीडियो में मैंने आपको बताया कि घर से अचानक गंदी बदबू आने लगे तो घर में सब कुछ ठीक नहीं होता है। लेकिन इतना भी जान देता हूं मैं आपको डराना नहीं चाहता, ना कोई अंधविश्वास फैलाना चाहता हूं।
यदि आपको एक-दो बार बदबू आए तो उसका मतलब यह नहीं कि आपके घर का वातावरण दूषित है, क्योंकि एक-दो बार बदबू तो इधर-उधर से भी आ सकती है। आपके घर में कहीं ऐसे स्टोर है। आप साफ-सफाई नहीं रखते। कोई चूहा ही मर गया है। अंदर दबा पड़ा है। उसकी बदबू आ सकती है। अन्य कारण भी हो सकते हैं।
तो उसको ज्यादा वो मत कीजिए। लेकिन लगातार यदि बदबू आ रही है और घर के हर सदस्य को आ रही है। यहां यह सावधानी रखना भी बेहद जरूरी है कि यदि एक ही आदमी को बदबू आ रही है तो फिर फॉल्ट आपके घर में नहीं, फॉल्ट आपके उस व्यक्ति के भीतर है। और अगर दो-चार सदस्य को सभी को आ रही है तो फिर आपके घर का वातावरण ही दूषित है।
ऐसे घरों में क्या होता है? जब आप बाहर रहते हैं तो हल्का फील करते हैं, खुश फील करते हैं। घर आते ही आपको भारीपन, तनाव, झगड़ा, यह फील होने शुरू हो जाते हैं।
तो आपके घर के वातावरण को मैंने पूरी तरह से आंक दिया है। पांच चीजों में ए टू जेड, पितर की मलिनता, कुलदेवी का खंडित होना, घर में मसान या मसानी का मंदिर पे आपके कब्जा कर लेना, साफ-सफाई की कमी रखना, मंदिर में मांस-मदिरा ड्रिंक मंदिर में ही यूज़ करना, दीपक में मच्छर-मक्खी पड़े हैं, सूखे फूल, सड़ी हुई मिठाइयां, फल पड़े हैं और लैट्रिन-बाथरूम का शुद्धिकरण न करना।
तो इन चीजों को आप अच्छे से समझिए, जानिए, जागरूक रहिए और दूसरों को भी जागरूक कीजिए। हर चीज को तुरंत-तुरंत नेगेटिव एनर्जी से जोड़कर बाबाओं के चक्कर मत काटिए।
वहां जाते ही आपको मरघट काली, श्मशान काली, भुला की मसान बता देंगे और फिर आपके चक्कर काटने शुरू हो जाएंगे। इस शनिवार, इस मंगलवार, आप सालों-साल तक भटकते रहोगे। लेकिन हल कुछ भी नहीं निकलना है भाई।
लिख के जेब में डाल लेना। यदि कोई भी ऐसी समस्या है, सबसे पहले उससे डरिए मत।
जैसे ही आप इन चीजों से डरना बंद कर देते हैं, समझ के साथ काम लेना शुरू कर लेते हैं। 50% तो इनका प्रभाव खुद ही खत्म हो जाता है।
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किसी समझदार गुरु से, समझदार विशेषज्ञ से अपना संपर्क बनाइए। उनके सानिध्य में जीवन को आगे बढ़ाइए।
ठीक है जी। आज के लिए इतना ही। हर हर महादेव। ओम काली आदेश गुरु गोरक्षनाथ।
सिद्ध योगी गुरु गोरक्षनाथ।