Category: Sadhna
सहस्रार चक्र शरीर का सबसे ऊँचा ऊर्जा केंद्र है, जो आध्यात्मिक जागरूकता और आत्मज्ञान से जुड़ा होता है। इस वीडियो/लेख में जानिए सहस्रार चक्र क्या है, इसके लक्षण, लाभ, और इसे जाग्रत करने की सही…
स्वाधिष्ठान चक्र शरीर का दूसरा ऊर्जा केंद्र है, जो नाभि के नीचे स्थित होता है और हमारी भावनाओं, रचनात्मकता तथा इच्छाओं से गहराई से जुड़ा होता है। इसका संबंध जल तत्व से माना जाता है,…
विशुद्ध चक्र हमारे शरीर का पाँचवाँ ऊर्जा केंद्र है, जो गले के स्थान पर स्थित होता है और हमारे संचार, अभिव्यक्ति तथा सच्चाई से गहराई से जुड़ा होता है। जब यह चक्र संतुलित रहता है,…
अनाहत चक्र हमारे शरीर का चौथा ऊर्जा केंद्र है, जो हृदय (सीने के मध्य) में स्थित होता है। “अनाहत” का अर्थ है “जो बिना टकराव के उत्पन्न हो”, यानी ऐसी दिव्य ध्वनि या ऊर्जा जो…
कुंडलिनी जागरण एक अत्यंत गहरी और शक्तिशाली आध्यात्मिक प्रक्रिया है, जिसे योग और तंत्र परंपरा में विशेष महत्व दिया गया है। “कुंडलिनी” शब्द का अर्थ है कुंडली मारकर बैठी हुई ऊर्जा, जो हमारे शरीर के…