Category: Sadhna

तीसरा नेत्र या आज्ञा चक्र केवल कोई रहस्यमयी शक्ति नहीं, बल्कि हमारी अंतर्दृष्टि (intuition), विवेक और सूक्ष्म चेतना का केंद्र है। जब यह जागृत होने लगता है, तो व्यक्ति की समझ, निर्णय और आध्यात्मिक अनुभूति…

भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में “दिव्य दृष्टि” या “तीसरा नेत्र” एक अत्यंत रहस्यमयी और शक्तिशाली अवधारणा मानी जाती है। योग, तंत्र और ध्यान की परंपराओं में यह माना जाता है कि मनुष्य के भीतर एक ऐसी…

भारतीय तांत्रिक और आध्यात्मिक परंपराओं में काल भैरव को भगवान शिव का उग्र और शक्तिशाली स्वरूप माना जाता है। भैरव को समय (काल), मृत्यु और रहस्यमयी शक्तियों का स्वामी भी कहा जाता है। कई साधक…

माता मेलड़ी मसानी एक शक्तिशाली तांत्रिक देवी हैं, जिनकी पूजा विशेष रूप से गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित है। इन्हें श्मशान की रक्षक, प्रेत-बाधा नाशिनी और…

क्षेत्रपाल का तंत्र में स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण और अनिवार्य माना जाता है। लगभग हर तांत्रिक परंपरा में क्षेत्रपाल बिना किसी साधना, यज्ञ या प्रयोग को पूर्ण नहीं मानती। भगवान शिव ने जब गणराज्यों की स्थापना…